दिवाली 2020 : जानिये क्यों किया जाता है दिवाली के दिन दक्षिण भारत में तेल स्नान,और क्या है इसके फायदे
देश भर में दिवाली का पर्व खासी उमंग और उल्लास के साथ मनाया जाता है, हर संस्कृति में दिवाली से इससे जुड़े कुछ खास रीति और रिवाज भी हैं,जिनका वहा की संस्कृति के साथ-साथ प्रकृति और हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य से भी गहरा नाता है इसी परंपराकी एक कड़ी है दक्षिण भारत में तेल स्नान ।

दक्षिण भारत में मान्यता है कि दिवाली के दिन नरकासुर राक्षस का वध किया गया था। जिसकी खुशी में वहां दिवाली का पर्व मनाया जाता है। जिसकी शुरूआत होती है तेल स्नान जो की पुरे परिवार द्वारा सूर्योदय से पहले करते हैं।

इसके स्न्नान लिए खास तौर से तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। यह मौसम के बदलने का भी समय होता है जिसके लिए इस तरह की परंपराएं सेहत को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। इस दिन परिवार का कोई वरिष्ठ सदस्य या परिवार की स्त्री सुबह सूर्योदय से पहले बारी बारी से परिवार के सभी सदस्यों के सिर में तिल के तेल की तीन बूंदें डालती हैं और फिर उसके बाद सभी खुद तेल की मालिश करते हैं। इसी को तेल स्नान कहा जाता है। परिवार का वरिष्ठ सदस्य अथवा स्त्री सबसे पहले स्वयं तेल स्नान करती हैं।

इस समय मौसम बदल रहा होता है, गर्मियां और बरसात का मौसम खत्म होकर सर्दियों का मौसम आने वाला, तेल स्नान शरीर को आने वाली सर्दियों के लिए तैयार करता है। तेल स्नान के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है क्योकि तिल का तेल सौंदर्य, स्वास्थ्य और मानसिक सेहत के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।तिल के तेल की मालिश करने से शरीर के भीतर की अतिरिक्त गर्मी समाप्त हो जाती है। बदलते मौसम बॉडी का टेम्प्रेचर बहार के टेमरेचेर के अनुकुल नहीं रह पाटा जिससे अकसर लोगों को गर्म सर्द की समस्या होने लगती है।तिल का तेल इसमें आपकी मदद करता है। तिल के तेल की मालिश से बॉडी टेंपेरचर प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए तैयार हो जाता है।

सर्दियों में हेयर फॉल की समस्या से कई लोग परेशान होते हैं। इसके लिए तिल के तेल का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है।क्योकि इससे सिर की खुश्की दूर होती है और बाल काले रहते हैं। अगर परिवार में जल्दी बाल सफेद होने की समस्या है तो बच्चों के बालों में तिल के तेल की मालिश करनी चाहिए।

तिल के तेल में मौजूद खास तत्व तनाव मानसिक मुक्त करने में मददगार होते हैं। यदि बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं या काम का अधिक बोझ है तो आपको तिल के तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए। यह आपको तनाव रहित करने में मदद करेगा।

खाने में भी तिल का तेल मीठा और काफी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। क्योकि इसमें बहु-असंतृप्त वसा (41%), ओमेगा -6, विटामिन ई और विटामिन के पाया जाता है। इस तेल को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है। पर इस तेल में इसमें डीप फ्राई नहीं करना चाहिए।

दक्षिण भारत में मान्यता है कि दिवाली के दिन नरकासुर राक्षस का वध किया गया था। जिसकी खुशी में वहां दिवाली का पर्व मनाया जाता है। जिसकी शुरूआत होती है तेल स्नान जो की पुरे परिवार द्वारा सूर्योदय से पहले करते हैं।

इसके स्न्नान लिए खास तौर से तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। यह मौसम के बदलने का भी समय होता है जिसके लिए इस तरह की परंपराएं सेहत को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं। इस दिन परिवार का कोई वरिष्ठ सदस्य या परिवार की स्त्री सुबह सूर्योदय से पहले बारी बारी से परिवार के सभी सदस्यों के सिर में तिल के तेल की तीन बूंदें डालती हैं और फिर उसके बाद सभी खुद तेल की मालिश करते हैं। इसी को तेल स्नान कहा जाता है। परिवार का वरिष्ठ सदस्य अथवा स्त्री सबसे पहले स्वयं तेल स्नान करती हैं।

इस समय मौसम बदल रहा होता है, गर्मियां और बरसात का मौसम खत्म होकर सर्दियों का मौसम आने वाला, तेल स्नान शरीर को आने वाली सर्दियों के लिए तैयार करता है। तेल स्नान के लिए तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है क्योकि तिल का तेल सौंदर्य, स्वास्थ्य और मानसिक सेहत के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।तिल के तेल की मालिश करने से शरीर के भीतर की अतिरिक्त गर्मी समाप्त हो जाती है। बदलते मौसम बॉडी का टेम्प्रेचर बहार के टेमरेचेर के अनुकुल नहीं रह पाटा जिससे अकसर लोगों को गर्म सर्द की समस्या होने लगती है।तिल का तेल इसमें आपकी मदद करता है। तिल के तेल की मालिश से बॉडी टेंपेरचर प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए तैयार हो जाता है।

सर्दियों में हेयर फॉल की समस्या से कई लोग परेशान होते हैं। इसके लिए तिल के तेल का इस्तेमाल करना अच्छा माना जाता है।क्योकि इससे सिर की खुश्की दूर होती है और बाल काले रहते हैं। अगर परिवार में जल्दी बाल सफेद होने की समस्या है तो बच्चों के बालों में तिल के तेल की मालिश करनी चाहिए।

तिल के तेल में मौजूद खास तत्व तनाव मानसिक मुक्त करने में मददगार होते हैं। यदि बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं या काम का अधिक बोझ है तो आपको तिल के तेल से सिर की मालिश करनी चाहिए। यह आपको तनाव रहित करने में मदद करेगा।

खाने में भी तिल का तेल मीठा और काफी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। क्योकि इसमें बहु-असंतृप्त वसा (41%), ओमेगा -6, विटामिन ई और विटामिन के पाया जाता है। इस तेल को लंबे समय तक स्टोर करके रखा जा सकता है। पर इस तेल में इसमें डीप फ्राई नहीं करना चाहिए।
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